फिल्म केवल दाऊद इब्राहिम या छोटा राजन के बारे में नहीं है; यह उस के बारे में है जिसने उन्हें खत्म करने के लिए 'एनकाउंटर' को एक हथियार बनाया। कहानी को पुलिस अधिकारियों (जैसे प्रदीप शर्मा और रवींद्र आंग्रे) और उस दौर को कवर करने वाले पत्रकारों के नजरिए से सुनाया गया है। 2. मुख्य आकर्षण (Key Highlights)
फिल्म का टोन डार्क और 'ग्रिटी' है, जो मुंबई के अंडरवर्ल्ड के माहौल को बखूबी दर्शाता है।
इसमें हिंदी और अंग्रेजी दोनों ऑडियो ट्रैक होने चाहिए, जिससे आप अपनी पसंद की भाषा चुन सकते हैं। 4. फिल्म की कमियां
कुछ आलोचकों का मानना है कि फिल्म पुलिस के पक्ष को ज्यादा ग्लोरिफाई (महिमामंडन) करती है और उन पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की गहराई में नहीं जाती।
यह डॉक्यूमेंट्री 1990 के दशक के मुंबई की असल कहानी दिखाती है, जब शहर "डी-कंपनी" और दाऊद इब्राहिम के खौफ में था। यह फिल्म मुख्य रूप से पुलिस अधिकारियों के उदय और उनके द्वारा माफिया राज को खत्म करने के विवादास्पद तरीकों पर आधारित है। गहरा विश्लेषण (Deep Review) 1. विषय और कहानी (Theme & Narrative)
यह फाइल नाम का है, जो 2023 में Netflix पर रिलीज हुई एक क्राइम डॉक्यूमेंट्री फिल्म है।
अगर आपने पहले 'ब्लैक फ्राइडे' या 'शूटआउट एट लोखंडवाला' जैसी फिल्में देखी हैं, तो इसमें दी गई जानकारी आपके लिए बहुत नई नहीं होगी। निष्कर्ष